रविवार, 30 जुलाई 2017

हाशिये पर विपक्ष!


किसी भी लोकतांत्रिक देश को सुचारू ढंग से चलाने के लिए जितनी आवश्यकता सरकार की होती है, उतनी ही आवश्यकता विपक्ष की भी होती है। किसी भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कितनी मजबूत है, यह बात विपक्ष पर ही निर्भर करती है। दरअसल,  वह विपक्ष ही होता है, जो सरकार के हर फैसलें में से यह तलाश कर सकता है कि सरकार के फैसले का जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा यानि जनता के लिए क्या सही है और क्या गलत है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, ऐसे में यहां विपक्ष की जिम्मेदारियां और भी गहरी हो जाती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में जिस तरह से लगातार विपक्ष हाशिये की तरफ बढ़ता जा रहा है, ऐसे में यहाँ सवाल यही खड़ा होता है कि क्या वास्तव में विपक्ष हाशिये पर आ चुका है ?

जी हाँ, 2014 में हुए सोलहवीं लोकसभा चुनाव से जिस तरह से पूरे देश में बीजेपी की लहर चली, उस लहर ने देश की सबसे बड़ी पार्टी यानि कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया । यहीं से विपक्ष पर हाशिये पर पहुँचने का खतरा मंडराने लगा था, लेकिन एक साल बाद दिल्ली और बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी की करारी हार से लगने लगा था कि अभी भी विपक्ष मैदान में है। लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत से जीत हासिल करने वाली बीजेपी का दिल्ली और बिहार में  ऐसा हश्र होगा यह तो किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा! लेकिन बीजेपी शांत बैठने वाली नहीं थी, इसका जवाब उसने अभी हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में देश के सबसे बड़े राज्य यानि यूपी में अपनी शानदार प्रदर्शन के साथ ही पांच में से चार राज्यों में अपनी सरकार बनाकर एक बार फिर से विपक्ष को औंधे मुँह गिरा दिया।

शनिवार, 29 जुलाई 2017

तिरंगें का अपमान क्यों ?

देश का राष्ट्रीय पर्व स्वंतत्रता दिवस करीब है, ऐसे में जहां पूरा देश इस पर्व को मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लोग  है, जो तिरंगें का अपमान करते हुए नजर आ रहे है। जी हां, मैं बात कर रही हूं जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ़्ती की। आज उन्होंने जो बयान दिया है, वह एक विवादित बयान होने के साथ ही शर्मनाक बयान भी है। आपको बता दूँ कि कश्मीर की सीएम ने कहा कि धारा-35(a) में बदलाव नहीं होना चाहिए, अगर ऐसा हुआ तो कश्मीर में कोई झंडा नहीं फहराएगा, साथ ही न ही कोई झंडे को कंधा देगा! सीएम साहिबा यही नहीं रुकी, उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि जम्मू-कश्मीर में अगर झंडा जमीन पर भी गिरा होगा, तो कोई उठाएगा भी नहीं।


क्यों दिया उन्होंने ये शर्मनाक बयान!
दरअसल, सीएम साहिबा धारा-35(a) में बदलाव न करने के पक्ष में है, उनकी माने तो इस धारा में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने धमकी भी दे डाली कि 'अगर ऐसा हुआ तो जम्मू-कश्मीर में तिरंगा नहीं फहराया जाएगा।' मैडम का कहना है कि धारा-35(a) जम्मू कश्मीर को विशेष स्थान दिलाता है, खैर यह सच भी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस धारा में परिवर्तन करना चाहता है।

गुरुवार, 27 जुलाई 2017

भईया जी से आज मैंने ब्रेकअप कर लिया....

भईया जी से आज मैंने ब्रेकअप कर लिया.... जी हां, बिहार के नये नवेले सीएम नीतीश कुमार कल से यही गाना गुनगुना रहे होंगे। साथ ही लालू यादव भी जवाब में यही गुन-गुना रहे होंगे कि 'बिन बताये तूने, ये सब कैसे कर लिया।'
गानों की बात तो अपनी जगह है लेकिन बिहार की सियासी गलियारों में  हर कोई अलग-अलग गानों से अपनी भड़ास निकाल ही रहा होगा! वहीं राहुल गांधी की बात करें तो बिहार में आये भूचाल पर वो यही गाना गुना रहे होंगे कि 'तू प्यार है किसी और का, तुझे चाहता कोई और है,  तू नजर में है किसी और की, तुझे देखता कोई और है!'  खैर सपा की बात की जाए तो सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो ट्वीट करके ही अपने दिल की बात जगजाहिर ही कर दिया। अखिलेश ने बिहार के सियासत पर लिखा कि 'ना-ना करते प्यार तुझी से कर बैठे।'

अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आपको गाने क्यों गिना रही हूं तो आपको बता दूं कि अक्सर जब भी किसी का ब्रेकअप होता है, तो वह गानों में ही डूब जाता है।