
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, ऐसे में यहां विपक्ष की जिम्मेदारियां और भी गहरी हो जाती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में जिस तरह से लगातार विपक्ष हाशिये की तरफ बढ़ता जा रहा है, ऐसे में यहाँ सवाल यही खड़ा होता है कि क्या वास्तव में विपक्ष हाशिये पर आ चुका है ?
जी हाँ, 2014 में हुए सोलहवीं लोकसभा चुनाव से जिस तरह से पूरे देश में बीजेपी की लहर चली, उस लहर ने देश की सबसे बड़ी पार्टी यानि कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया । यहीं से विपक्ष पर हाशिये पर पहुँचने का खतरा मंडराने लगा था, लेकिन एक साल बाद दिल्ली और बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी की करारी हार से लगने लगा था कि अभी भी विपक्ष मैदान में है। लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत से जीत हासिल करने वाली बीजेपी का दिल्ली और बिहार में ऐसा हश्र होगा यह तो किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा! लेकिन बीजेपी शांत बैठने वाली नहीं थी, इसका जवाब उसने अभी हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में देश के सबसे बड़े राज्य यानि यूपी में अपनी शानदार प्रदर्शन के साथ ही पांच में से चार राज्यों में अपनी सरकार बनाकर एक बार फिर से विपक्ष को औंधे मुँह गिरा दिया।

