देश का राष्ट्रीय पर्व स्वंतत्रता दिवस करीब है, ऐसे में जहां पूरा देश इस पर्व को मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लोग है, जो तिरंगें का अपमान करते हुए नजर आ रहे है। जी हां, मैं बात कर रही हूं जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ़्ती की। आज उन्होंने जो बयान दिया है, वह एक विवादित बयान होने के साथ ही शर्मनाक बयान भी है। आपको बता दूँ कि कश्मीर की सीएम ने कहा कि धारा-35(a) में बदलाव नहीं होना चाहिए, अगर ऐसा हुआ तो कश्मीर में कोई झंडा नहीं फहराएगा, साथ ही न ही कोई झंडे को कंधा देगा! सीएम साहिबा यही नहीं रुकी, उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि जम्मू-कश्मीर में अगर झंडा जमीन पर भी गिरा होगा, तो कोई उठाएगा भी नहीं।
क्यों दिया उन्होंने ये शर्मनाक बयान!
दरअसल, सीएम साहिबा धारा-35(a) में बदलाव न करने के पक्ष में है, उनकी माने तो इस धारा में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने धमकी भी दे डाली कि 'अगर ऐसा हुआ तो जम्मू-कश्मीर में तिरंगा नहीं फहराया जाएगा।' मैडम का कहना है कि धारा-35(a) जम्मू कश्मीर को विशेष स्थान दिलाता है, खैर यह सच भी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस धारा में परिवर्तन करना चाहता है।
यहाँ पर सवाल यही खड़ा होता है कि धाराओं में संसोधन की बात अपनी जगह है, आप उससे सहमत है या नहीं यह एक अलग मुद्दा है। लेकिन यह अधिकार तो देश के संविधान में कहीं भी वर्णित नहीं है कि 'किसी को भी तिरंगे का अपमान करने का हक़ है'। तो फिर क्यों मैडम तिरंगे पर विवादित बयान दे बैठी? सीएम साहिबा वहाँ की जनता ने आपको सरकार के रूप में पसन्द किया है, लेकिन इसका मतलब ये तो जरा भी नहीं है कि आप उनकी और देश की भावनाओ के साथ खिलवाड़ करें। पता नहीं क्या हो गया है, देश के नेताओं को , जो वो इस तरह के बेतुकी, बेबुनियाद और शर्मनाक बयानबाजी करते हुए दिख रहे है!
बहरहाल, जम्मू-कश्मीर की सीएम साहिबा को इस वाक्या के लिए सावर्जनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ देश का अपमान किया है, बल्कि देश के वजूद यानी तिरंगे का भी अपमान किया है, ऐसे में सीएम साहिबा को चाहिए कि वो अपने इस बयान के लिए माफी मांगे!
मैडम शायद यह भूल गई है कि जिस तिरंगे का वो अपमान कर रही है, उसकी आन-मान-शान की रक्षा के लिए देश के कई वीर जवानों ने हँसते-हँसते अपनी कुर्बानी दी दी थी! शर्म आनी चाहिए आपको सीएम महोदया अपने इस बयानबाजी पर !
क्यों दिया उन्होंने ये शर्मनाक बयान!
दरअसल, सीएम साहिबा धारा-35(a) में बदलाव न करने के पक्ष में है, उनकी माने तो इस धारा में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने धमकी भी दे डाली कि 'अगर ऐसा हुआ तो जम्मू-कश्मीर में तिरंगा नहीं फहराया जाएगा।' मैडम का कहना है कि धारा-35(a) जम्मू कश्मीर को विशेष स्थान दिलाता है, खैर यह सच भी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस धारा में परिवर्तन करना चाहता है।
यहाँ पर सवाल यही खड़ा होता है कि धाराओं में संसोधन की बात अपनी जगह है, आप उससे सहमत है या नहीं यह एक अलग मुद्दा है। लेकिन यह अधिकार तो देश के संविधान में कहीं भी वर्णित नहीं है कि 'किसी को भी तिरंगे का अपमान करने का हक़ है'। तो फिर क्यों मैडम तिरंगे पर विवादित बयान दे बैठी? सीएम साहिबा वहाँ की जनता ने आपको सरकार के रूप में पसन्द किया है, लेकिन इसका मतलब ये तो जरा भी नहीं है कि आप उनकी और देश की भावनाओ के साथ खिलवाड़ करें। पता नहीं क्या हो गया है, देश के नेताओं को , जो वो इस तरह के बेतुकी, बेबुनियाद और शर्मनाक बयानबाजी करते हुए दिख रहे है!
बहरहाल, जम्मू-कश्मीर की सीएम साहिबा को इस वाक्या के लिए सावर्जनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ देश का अपमान किया है, बल्कि देश के वजूद यानी तिरंगे का भी अपमान किया है, ऐसे में सीएम साहिबा को चाहिए कि वो अपने इस बयान के लिए माफी मांगे!
मैडम शायद यह भूल गई है कि जिस तिरंगे का वो अपमान कर रही है, उसकी आन-मान-शान की रक्षा के लिए देश के कई वीर जवानों ने हँसते-हँसते अपनी कुर्बानी दी दी थी! शर्म आनी चाहिए आपको सीएम महोदया अपने इस बयानबाजी पर !

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