एक के बाद रेल हादसों से यही सवाल खड़ा होता है कि आखिर कब होगी प्रभु की कृपा। जी हां, मैं बात कर रही हूं रेल मंत्री सुरेश प्रभु की, प्रभु जी आखिर कब हादसों पर लगाम लगाने में आप कामयाब हो पाएंगे? रेल हादसे क्यों होते, क्यों गवांनी पड़ती है यात्रियों को अपनी जान? इन्ही तमाम सवालों के बीच में एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा होता है कि क्या वाकई रेलवे यात्रियों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है?
वैसे तो रेलवे के इतिहास पर अगर गौर किया जाए तो बड़े-बड़े हादसों का जिक्र मिलता है। रेलवे के इतिहास के हादसों पर बाद में चर्चा करेंगे, उससे पहले हाल ही में हुए रेलवे हादसा पर नजर डालते है। जी हां, आपको बता दूं कि कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस शनिवार शाम मुजफ्फरनगर के खतौली में हादसे का शिकार हो गई।उत्कल एक्सप्रेस की कई बोगियों के पटरी से उतरने की वजह से यह हादसा हुआ है।हादसें में कई लोगों की मौत होने की खबर के साथ ही भारी संख्या में लोग घायल हो चुके है। यह एक बड़ा हादसा है, हादसा क्यों हुआ, इसके पीछे अभी तक बताये जाने वाले कारणों में से एक कारण यह भी बताया जा रहा कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही की वजह से हुई है।


