भईया जी से आज मैंने ब्रेकअप कर लिया.... जी हां, बिहार के नये नवेले सीएम नीतीश कुमार कल से यही गाना गुनगुना रहे होंगे। साथ ही लालू यादव भी जवाब में यही गुन-गुना रहे होंगे कि 'बिन बताये तूने, ये सब कैसे कर लिया।'
गानों की बात तो अपनी जगह है लेकिन बिहार की सियासी गलियारों में हर कोई अलग-अलग गानों से अपनी भड़ास निकाल ही रहा होगा! वहीं राहुल गांधी की बात करें तो बिहार में आये भूचाल पर वो यही गाना गुना रहे होंगे कि 'तू प्यार है किसी और का, तुझे चाहता कोई और है, तू नजर में है किसी और की, तुझे देखता कोई और है!' खैर सपा की बात की जाए तो सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो ट्वीट करके ही अपने दिल की बात जगजाहिर ही कर दिया। अखिलेश ने बिहार के सियासत पर लिखा कि 'ना-ना करते प्यार तुझी से कर बैठे।'
अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आपको गाने क्यों गिना रही हूं तो आपको बता दूं कि अक्सर जब भी किसी का ब्रेकअप होता है, तो वह गानों में ही डूब जाता है।
खैर अब बात मुद्दों की करते है .... बीती रात बिहार की राजनीति में भयंकर भूकम्प आया था, जिससे लालू एंड सन्स के साथ ही विपक्षी दलों को काफी नुकसान हुआ। खैर मजे की बात यह रही कि आमतौर पर जब भूकम्प आता है तो नुकसान ही होता है, लेकिन बीजेपी के लिए ये भूकम्प किसी वरदान कम नहीं रहा। आपको बता दें कि बीती शाम नीतीश कुमार ने बिहार के सीएम पद से इस्तीफा देकर सभी को हैरान कर दिया,, साथ ही मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर नयी सरकार का गठन भी कर लिया। जहां एक तरफ लालू पर नीतीश के इस फैसले संकटों का पहाड़ टूट पड़ा है, तो वही दूसरी तरफ नीतीश के लिए यह फैसला खुशियों का सौगात साबित हुआ।
बहरहाल, पूरे प्रकरण की समीक्षा की जाए तो निष्कर्ष यही निकलता है कि बिहार में जो कुछ भी कल हुआ, उसकी भूमिका कई महीनों से तैयार हो रही थी, अंततः मामलें में बीजेपी और नीतीश को कामयाबी मिली। साथ ही बीजेपी में नीतीश की एक बार फिर से वापसी हुई। और लालू से नीतीश ने ब्रेकअप कर लिया।
लालू-नीतीश के ब्रेकअप से बिहार की जनता को फायदा होता है या नुकसान यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल, सवाल यही उठता है कि बिहार की जनता ने जिस पार्टी को चुनाव में अस्वीकार कर दिया था, उसी पार्टी का बिहार में वापसी से बिहार की जनता को मुनाफा होगा या नुकसान!
खैर, लालू यादव इस समय नीतीश को कोसते हुए यही गाना गा रहे होंगे कि ,"क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम, वो इरादा! साथ ही बीजपी यही गुन गुना रही होगी कि "आज मैं ऊपर, आसमां नीचे, आज मैं आगे जमाना है पीछे!"
गानों की बात तो अपनी जगह है लेकिन बिहार की सियासी गलियारों में हर कोई अलग-अलग गानों से अपनी भड़ास निकाल ही रहा होगा! वहीं राहुल गांधी की बात करें तो बिहार में आये भूचाल पर वो यही गाना गुना रहे होंगे कि 'तू प्यार है किसी और का, तुझे चाहता कोई और है, तू नजर में है किसी और की, तुझे देखता कोई और है!' खैर सपा की बात की जाए तो सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो ट्वीट करके ही अपने दिल की बात जगजाहिर ही कर दिया। अखिलेश ने बिहार के सियासत पर लिखा कि 'ना-ना करते प्यार तुझी से कर बैठे।'
अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आपको गाने क्यों गिना रही हूं तो आपको बता दूं कि अक्सर जब भी किसी का ब्रेकअप होता है, तो वह गानों में ही डूब जाता है।
खैर अब बात मुद्दों की करते है .... बीती रात बिहार की राजनीति में भयंकर भूकम्प आया था, जिससे लालू एंड सन्स के साथ ही विपक्षी दलों को काफी नुकसान हुआ। खैर मजे की बात यह रही कि आमतौर पर जब भूकम्प आता है तो नुकसान ही होता है, लेकिन बीजेपी के लिए ये भूकम्प किसी वरदान कम नहीं रहा। आपको बता दें कि बीती शाम नीतीश कुमार ने बिहार के सीएम पद से इस्तीफा देकर सभी को हैरान कर दिया,, साथ ही मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर नयी सरकार का गठन भी कर लिया। जहां एक तरफ लालू पर नीतीश के इस फैसले संकटों का पहाड़ टूट पड़ा है, तो वही दूसरी तरफ नीतीश के लिए यह फैसला खुशियों का सौगात साबित हुआ।
बहरहाल, पूरे प्रकरण की समीक्षा की जाए तो निष्कर्ष यही निकलता है कि बिहार में जो कुछ भी कल हुआ, उसकी भूमिका कई महीनों से तैयार हो रही थी, अंततः मामलें में बीजेपी और नीतीश को कामयाबी मिली। साथ ही बीजेपी में नीतीश की एक बार फिर से वापसी हुई। और लालू से नीतीश ने ब्रेकअप कर लिया।
लालू-नीतीश के ब्रेकअप से बिहार की जनता को फायदा होता है या नुकसान यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल, सवाल यही उठता है कि बिहार की जनता ने जिस पार्टी को चुनाव में अस्वीकार कर दिया था, उसी पार्टी का बिहार में वापसी से बिहार की जनता को मुनाफा होगा या नुकसान!
खैर, लालू यादव इस समय नीतीश को कोसते हुए यही गाना गा रहे होंगे कि ,"क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम, वो इरादा! साथ ही बीजपी यही गुन गुना रही होगी कि "आज मैं ऊपर, आसमां नीचे, आज मैं आगे जमाना है पीछे!"

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें