घर में बच्चे फ़ोन और कंप्यूटर पर लगे हुए हैे,,इतने में ही घर के आंगन से बूढी दादी के चिल्लाने की आवाज आई कि 'अरे कम्बख्तों रोज तो घुसे ही रहते हो इस डिब्बे में, आँख फुट जायेगी। जरा भी लाज-शर्म बची हो तो बाहर आ जाओ पता है न कि कल क्या है'।
अंदर से रामू झल्लाता हुए बोला 'अरे दादी आप भी न, परेशान मत कीजिये,होगा जो भी होगा, हमे क्या लेना देना।' इतना कहता हुआ रामू फिर कंप्यूटर में घुस गया!
ये सुनते ही दादी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया....दादी गुस्से में अरे वो ये डिब्बा ही सारा जीवन काम न आएगा..जल्दी बाहर आओ....
दादी की बात का मान रखते हुए बच्चे बाहर आये और बोले की दादी जल्दी से बताओ कल क्या है,,, फेसबुक पर पिक पोस्ट की है,दोस्त लाइक और कमेंट कर रहे होंगे!
(ये सुनते ही दादी ने मन ही मन ये तय किया कि इन बच्चों को इनके ही अंदाज में समझाना होगा)
दादी ने कहा रामू-पिंकी तुम दोनों को फेसबुक पर वो क्या कहते है(दादी याद करते हुए शब्द को) तुम्हारी भाषा में पिक पोस्ट करना अच्छा लगता है न...दोनों ने कहा 'हाँ दादी बहुत अच्छा लगता है हमारा बस चले तो पूरे दिन पिक पोस्ट करते रहे'...(दोनों फेसबुक का गुणगान गाने में डूब गए)
दादी (प्रसन्न मन से) दोनों को चुप कराती हुई कि अरे चुप भी हो जाओ कम्बख्तों,जान खा रखी है, अब जो मैं कहने जा रही हूँ उसे ध्यान से सुनो! (दोनों मौन हो गए)
दादी दोनों के सर पर हाथ फेरते हुये बोली कि 'कल होलिका दहन है'।
ये सुनकर दोनों चौक गये बोले कि 'दादी ये क्या होता है,हम तो बस होली के बारे में ही जानते है।'
दादी (मुस्कुराती हुई) होलिका दहन के महत्व को समझाते हुए बोली कि 'भोर में जगकर हम होलिका दहन में जाएंगे'
ये सुनते ही दोनों दुखी हो गए और बोले 'दादी कौन उठता है इतनी सुबह, जब तो हमारे सोने का टाइम होता है और आप उठने के लिए बोल रही है, नॉट फेयर दादी।'(दोनों कमरे की ओर जाने लगे)
इतने में दादी बोल पड़ी कि 'अरे मेरे दिल के टुकड़ों असली बात तो बताई ही नही मैंने'
दोनों के बढ़ते कदम रुक गये बोले कि 'अब क्या है दादी,इतना तो बोर हो चुके है हम,और कितना होना बाकी है!'
दादी (मंद स्वर में) बोली कि 'होलिका दहन पर पिक क्लिक करेंगे,जिसे तुम दोनों अपने फेसबुक पर पोस्ट कर सकोगे, सारे दोस्त बहुत लाइक करेंगे,बहुत वाहवाही होगी'।
दोनों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा बोले 'दादी, क्या बोला आपने वहां सेल्फी ले सकते है हम'
दादी बोली 'हाँ बच्चो'....बच्चे फ़ोन में सुबह का एलार्म लगा कर सोने चले गए!
(भोर का समय)
ट्रिंग ट्रिंग....की सुनहरी आवाज में एलार्म बजा...
(दोनों जग गये) दादी दादी कहा हो आप ये चिल्लाते हुए दोनों कमरे से बाहर आ गए....'दादी जल्दी चलो,वरना हम लेट हो जायेंगे,फिर हमसे पहले कोई और फेसबुक पर पिक पोस्ट कर देगा'... दादी अरे मैं यही हूँ मेरे बच्चों चलो.....
(घर से थोड़ी ही दूर पर होलिका दहन का कार्यक्रम) रास्ते भर मटरगस्ती करते हुए दोनो यही बात कर रहे थे कि 'आज तो फेसबुक पर हमारा ही क्रेज होगा'
(होलिका दहन के स्थान पर पहुँचे)
दादी ने दोनों को होलिका दहन की विधि बताई,,,, दोनों ने पूजा अर्चना की...उसके बाद ढेर सारी तस्वीरे खीची...
पिंकी बोली दादी आज तो मजा आ गया अब तो मैं अपने सारे फ्रेंड्स को बताऊंगी होलिका दहन के बारे में...अब से हम हर होलिका दहन पर आएंगे क्यों रामू भैया...रामू ने बोला 'हाँ दादी, आई लव यू दादी, यू आर द बेस्ट इन वर्ल्ड'
बच्चो को ख़ुशी देख,दादी मन ही मन मुस्कुराई और बोली कि 'जिस तरह से तुम दोनों मेरी बात समझ गए वैसे ही अगर सभी बच्चे समझ जाए,तो हमारी परम्पराये सुरक्षित रहेंगी','आज मेरा जीवन सुफल हो गया'।
अंदर से रामू झल्लाता हुए बोला 'अरे दादी आप भी न, परेशान मत कीजिये,होगा जो भी होगा, हमे क्या लेना देना।' इतना कहता हुआ रामू फिर कंप्यूटर में घुस गया!
ये सुनते ही दादी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया....दादी गुस्से में अरे वो ये डिब्बा ही सारा जीवन काम न आएगा..जल्दी बाहर आओ....
दादी की बात का मान रखते हुए बच्चे बाहर आये और बोले की दादी जल्दी से बताओ कल क्या है,,, फेसबुक पर पिक पोस्ट की है,दोस्त लाइक और कमेंट कर रहे होंगे!
(ये सुनते ही दादी ने मन ही मन ये तय किया कि इन बच्चों को इनके ही अंदाज में समझाना होगा)
दादी ने कहा रामू-पिंकी तुम दोनों को फेसबुक पर वो क्या कहते है(दादी याद करते हुए शब्द को) तुम्हारी भाषा में पिक पोस्ट करना अच्छा लगता है न...दोनों ने कहा 'हाँ दादी बहुत अच्छा लगता है हमारा बस चले तो पूरे दिन पिक पोस्ट करते रहे'...(दोनों फेसबुक का गुणगान गाने में डूब गए)
दादी (प्रसन्न मन से) दोनों को चुप कराती हुई कि अरे चुप भी हो जाओ कम्बख्तों,जान खा रखी है, अब जो मैं कहने जा रही हूँ उसे ध्यान से सुनो! (दोनों मौन हो गए)
दादी दोनों के सर पर हाथ फेरते हुये बोली कि 'कल होलिका दहन है'।
ये सुनकर दोनों चौक गये बोले कि 'दादी ये क्या होता है,हम तो बस होली के बारे में ही जानते है।'
दादी (मुस्कुराती हुई) होलिका दहन के महत्व को समझाते हुए बोली कि 'भोर में जगकर हम होलिका दहन में जाएंगे'
ये सुनते ही दोनों दुखी हो गए और बोले 'दादी कौन उठता है इतनी सुबह, जब तो हमारे सोने का टाइम होता है और आप उठने के लिए बोल रही है, नॉट फेयर दादी।'(दोनों कमरे की ओर जाने लगे)
इतने में दादी बोल पड़ी कि 'अरे मेरे दिल के टुकड़ों असली बात तो बताई ही नही मैंने'
दोनों के बढ़ते कदम रुक गये बोले कि 'अब क्या है दादी,इतना तो बोर हो चुके है हम,और कितना होना बाकी है!'
दादी (मंद स्वर में) बोली कि 'होलिका दहन पर पिक क्लिक करेंगे,जिसे तुम दोनों अपने फेसबुक पर पोस्ट कर सकोगे, सारे दोस्त बहुत लाइक करेंगे,बहुत वाहवाही होगी'।
दोनों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा बोले 'दादी, क्या बोला आपने वहां सेल्फी ले सकते है हम'
दादी बोली 'हाँ बच्चो'....बच्चे फ़ोन में सुबह का एलार्म लगा कर सोने चले गए!
(भोर का समय)
ट्रिंग ट्रिंग....की सुनहरी आवाज में एलार्म बजा...
(दोनों जग गये) दादी दादी कहा हो आप ये चिल्लाते हुए दोनों कमरे से बाहर आ गए....'दादी जल्दी चलो,वरना हम लेट हो जायेंगे,फिर हमसे पहले कोई और फेसबुक पर पिक पोस्ट कर देगा'... दादी अरे मैं यही हूँ मेरे बच्चों चलो.....
(घर से थोड़ी ही दूर पर होलिका दहन का कार्यक्रम) रास्ते भर मटरगस्ती करते हुए दोनो यही बात कर रहे थे कि 'आज तो फेसबुक पर हमारा ही क्रेज होगा'
(होलिका दहन के स्थान पर पहुँचे)
दादी ने दोनों को होलिका दहन की विधि बताई,,,, दोनों ने पूजा अर्चना की...उसके बाद ढेर सारी तस्वीरे खीची...
पिंकी बोली दादी आज तो मजा आ गया अब तो मैं अपने सारे फ्रेंड्स को बताऊंगी होलिका दहन के बारे में...अब से हम हर होलिका दहन पर आएंगे क्यों रामू भैया...रामू ने बोला 'हाँ दादी, आई लव यू दादी, यू आर द बेस्ट इन वर्ल्ड'
बच्चो को ख़ुशी देख,दादी मन ही मन मुस्कुराई और बोली कि 'जिस तरह से तुम दोनों मेरी बात समझ गए वैसे ही अगर सभी बच्चे समझ जाए,तो हमारी परम्पराये सुरक्षित रहेंगी','आज मेरा जीवन सुफल हो गया'।

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