गुरुवार, 28 सितंबर 2017

बर्थडे स्पेशल: 'पैरों में बन्धन' से 'नैनो में सपना' लिये संगीत की दुनिया की महारथी!

 संगीत की दुनिया की मल्लिका जिन्होंने अपनी आवाज से सबको दीवाना बना दिया! लाजवाब आवाज, भारत रत्न से पुरस्कृत एक ऐसी संगीतकार जिसकी आवाज पर थिरके बड़े से बड़े कलाकार! जी हाँ, मैं बात कर रही हूं संगीत की दुनिया की महारथी लता मंगेशकर की।
 लता जी का जन्म 28 सितंबर, 1929 को मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ! 13 साल की जब लता दी थी, तब इनके सर से पिता का हाथ उठा गया, लता जी ने संगीत की दुनिया में अपना नाम फेम बनाने के लिए बहुत ही संघर्ष किया, उनकी संघर्षो का ही नतीजा है कि आज उन्हें सुरों की मल्लिका के नाम से जाना जाता है।
लता जी के जीवन के बारे में क्या बात करूं क्योंकि उनके जीवन से तो आप सभी रूबरू ही होंगे! फिर भी लता जी के जीवन से जुड़ी हुई एक ऐसी बात है जो सबको हैरान कर देती है, वो ये है कि लता जी सिर्फ एक दिन स्कूल गयी, उन्होंने स्कूल इसलिए छोड़ा क्योंकि वो अपने साथ अपनी बहन आशा को ले गई और स्कूल वालों ने आशा की भी फीस मांगी, इसलिए लता जी ने स्कूल ही छोड़ दिया! स्कूल इसलिए छोड़ा क्योंकि वो अपनी बहन को पढ़ाना चाहती, लता जी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी! बताया जाता है कि लता जी क्रिकेट की बहुत बड़ी दीवानी है, सचिन के प्रदर्शन से इनका मूड बदलता था!
 सुरों की मल्लिका और भारत रत्न लता मंगेशकर को संगीत की दुनिया में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा! जी हां, लता जी ने जब संगीत की दुनिया मे कदम रखने की सोची तब उन्हें ये कहकर रिजेक्ट कर दिया कि उनकी आवाज पतली है, और आज देखिए सलाम करना तो बनता है क्योंकि इतने रिजेक्ट के बावजूद भी इन्होंने हार नहीं मानी और इनके हौसलों का ही नतीजा है कि आज भारत की रत्न बन चुकी हैं।
 लता जी के संगीत की दुनिया में पहले कदम की बात की जाए तो इन्होंने 1942 में मराठी भाषा में पहला गाना गाया था, लता जी ने 30 भाषाओं में गाना गाया है। हालांकि, 1942 के बाद लता जी को अपनी लाइफ में मास्टर स्ट्रोक की तलाश थी, इनकी ये तलाश 1949 में पूरी हुई, जब लता दी को फ़िल्म " महल" के "आयेगा आनेवाला" गीत गाने का मौका मिला, इस गाने से लता जी फेमस हो गयी और फिर लता दी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा! एक के बाद एक फिल्मों में अपनी आवाज देती गयी और आज सफलता की हर ऊंचाई को उन्होंने छू लिया।
 पैरों में बंधन, हमको हमी से चुरा लो, वन्दे मातरम, नैनो में सपना, तुझसे नाराज नहीं ज़िन्दगी, प्यार किया तो डरना क्या, अजी अब रूठो न, लग जा गले, गुमनाम है कोई, वैसे तो लता जी के गानों को कोई भूल नहीं सकता है, फिर भी ये कुछ ऐसे गाने हैं, जो कल भी हिट थे और आज भी हिट हैं और आगे भी हिट रहेंगे!

1 टिप्पणी:

  1. भारत रत्न एवं स्वर कोकिला लता जी को उनके 88वें जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई!!

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