शुक्रवार, 18 दिसंबर 2015

बेदाग छवि क्या साबित होगें दागदार !

 बीते गुरूवार को आम आदमी पार्टी के द्वारा किए गये प्रेस कान्फ्रेस से बवाल मचता दिख रहा है। दरअसल से प्रेस कान्फ्रेस का मुद्दा डीडीसीए था। आप पार्टी का आरोप है कि डीडीसीए में देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली के नाक के नीचे घोटला होता रहा लेकिन उन्होने इसे रोकने की कोशिश नही करी। बेकायदा सबूतों को लेकर आम आदमी पार्टी अरुण जेटली पर निशाना साधते हुयी दिखी। उनकी मांग है कि मोदी जी अपने भ्रष्ट मंत्री को हटाएं। इसके जवाब में केंद्र सरकार का कहना है कि जेटली इस्तीफा नही देगें। वहीं जेटली साहब का कहना है कि केजरीवाल अपने भ्रष्ट मंत्री की कोशिश कर रहै है और मुझ  पर आज तक कोई ऊंगली नही उठी है। बीजेपी और आप पार्टी के बीच तो जैसे जंग सी छिड़ गई है। बयानबाजी की तो जैसे बौछार आ गई है। जहाँ एक तरफ आप पार्टी ने आरोप लगाया वही दूसरी तरफ बीजेपी और डीडीसीए की तरफ से आरोपों को बेबुनियाद बताया गया।


       दरअसल आप पार्टी का कहना है कि स्टेडियम के लिए 24 करोड़ ही स्वीकार किय़े गये थे जबकि खर्चा 114 करोड़ का हुआ तो ऐसे में 90 करोड़ कहा गये इसके साथ ही डीडीसीए ने 1.55 करोड़ रूपये का लोन तीन कपंनियो को दिया लेकिन क्यों दिया ये नहीं बताया गया। उस समय 1999 से 2013 तर जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे। जेटली ने भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश की इसीलिए उन कंपनी को पैसे दिये गये जिनका कोई काम ही नहीं था। ये सभी आरोप लगाते हुए आप पार्टी ने कहा कि जेटली इस्तीफा दे तभी इस मामले की निष्पक्ष जांच हो पाएगी क्योंकि वित्त मंत्रालय जेटली के अंदर है तो ऐसे में निष्पक्ष जांच हो पाना संभव नहीं है। जांच और इस्तीफे की मांग करती आप पार्टी के द्वारा लगाए गए आरोप कितने हद तक सही साबित होगें ये तो वक्त ही बताएगा। वैसे ये बात भी सही है कि चिंगारी के बिना आग नही लगती ठीक इसी प्रकार जेटली पर लगे आरोपों पर कोई तो बात होगी। अगर आप पार्टी के द्वारा लगाये गये आरोप सिद्ध हुए तो जेटली बड़ी मुसीबत में फस सकते है। ये भी हो सकता है कि आप पार्टी राजनीति की कोई चाल चल रही हो। जेटली के मुसीबत तो उन्हीं के पार्टी के सांसद कीर्ती आजाद ने बढ़ा दी है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के जांच की मांग वे सालों से कर रहे है लेकिन अब मैं चुप बैठने और डरने वाला नहीं हुँ। रविवार को आजाद प्रेस कान्फेस करके डीडीसीए के भ्रष्टाचार के बारे में और जानकारी देंगे।

         पूर्व किक्रेटर सुरेंद्र खन्ना ने तो जेटली की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कर दी। इनका कहना है कि वे जेटली उनके बढ़े भाई जैसे है लेकिन वे उस समय बिल्कुल चुप थे इस बात का मुझे बहुत दुःख है। उनसे जब कहा जाता था कि ऐसा वैसा है तब वे यह कह देते थे कि जो हो रहा है सही हो रहा है। उनका कहना है जिस स्टेडियम को बनाने के लिए इतना पैसा खर्च किया गया है उस स्टेडियम के कोने से थर्ड मैन की बाउंडरी ठीक से दिखती नही है। इस तरह से उन्होंने एनडीटीवी के सामने अपनी तमाम बाते रखी। इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए बीजेपी ने कहा कि ये सब केजरीवाल प्रधान सचिव से ध्यान बाँटने के लिए कर रहे है। स्मृति ईरानी का कहना है कि जेटली पार्टी के सबसे भरोसेमंद है उन पर लगाए गये सभी आरोप गलत है। उनका कैरियर बिल्कुल साफ़ है उन पर कभी भी किसी भी प्रकार के आरोप नहीं लगे है। ये सभी बाते बीजेपी के प्रवक्ता शहनवाज शाह ने जेटली का बचाव करते हुए कहै। बीजेपी ने कहा कि आप पार्टी तो हमेशा से ही झूठे और बदनाम करने वाले आरोप लगाती रहती है। मैं इस मामले में बस इतना कहना चाहती हुँ कि अगर आरोप लगे है तो उसकी जांच होनी ही चाहिए अन्यथा हमेशा के लिए लोगों के मन में यह बात खटकती रहेगी कि सरकार सिर्फ अपना लोभ देखती है जनता के लिए कोई काम ही नही करती है। सीबीआई इस मामले की पूरी जांच करे और सच्चाई क्या है उसे जनता के सामने लाया जाये। देश की जनता को इस मामले में जल्द से जल्द जबाव की उम्मीद है। सरकार एकतरफा होकर कोई फैसला न करे इस बात की उम्मीद की जाती है।

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